That girl in train…

उस ट्रेन का सफ़र आज भी याद है मुझे…मुसाफिर कोई खूबसूरत मिला था.

याद है मुझे…
तेज़ सफ़र और उसकी धीमी सी नज़र, धुंधली सी रौशनी और उसकी उजली सी मुस्कान.
पटरियों से ज्यादा शोर कर रही थी वो आँखे.
और…
हवा से लिपट रहा था उसका दुपट्टा, रात की आड़ में, दरवाजे के पास.

ना याद रहा उस सफ़र का रास्ता मुझे, जो खिंचा गया था, उस शरारत में मुझे.

मांग लिया था मेरा बस्ता उस ने संभाल ने को अगली मंजिल तक,
बस सफ़र कुछ ऐसा गुज़रा,
दे दिया हमने वो बसता उसको, बस रख ही लेने को.

2 thoughts on “That girl in train…

  1. Gaurang says:

    kya baat he bro…?

  2. bas baat to kuch nahi…jo thi wo to kehdi…🙂

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: